साँवले धब्बे

समस्याएँ: स्किन का पिग्मेंटेशन (चेहरे पर सफेद और कत्थई दाग)। चकत्तों से छुटकारा कैसे पाया जाए?

चेहरे और बॉडी पर दाग क्यों आ जाते हैं?

इसके कई कारण होते हैं: बीमारियाँ, बाहरी पर्यावरण कारक जो स्किन पर सीधे असर डालते हैं, उम्र संबंधी हॉर्मोनल बदलाव आदि। अधिकतर विशेषज्ञ डॉक्टर त्वचा में समस्या होने के बाद उठने वाली समस्याओं जैसे कील-मुँहासे या धब्बों का ही इलाज कर पाते हैं।

दूसरे स्थान पर आती हैं लेंटिगो, मिलास्मा – पिग्मेंटेशन स्पॉट जो अत्यधिक यूवी किरणों से होते हैं।

चेहरे पर पिग्मेंटेटेड (सफ़ेद और काले) धब्बे कई बार ऑपरेशन के बाद, हाई पावर पीलिंग, मेकैनिकल और लेजर एब्रेज़न या गलत तरीके से किए गए कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट से हो सकते हैं जिनसे एपिडर्मिस की सबसे बाहरी परत पतली हो जाती है।

त्वचा पर काले धब्बे (मिलाज़्मा) गर्भावस्था के दौरान भी हो सकते हैं। इस केस में हॉर्मोनल दवाइयाँ लेना बंद करने के बाद पिग्मेंटेटेड स्पॉट अधिकतर चले जाते हैं लेकिन धूप में ज़्यादा निकलने से फिर से आ सकते हैं।

स्किन पर से पिग्मेंटेशन स्पॉट्स को असरदार तरीके से कैसे हटाया जाए?

सबसे पहली चीज तो यह है कि कोई भी तकनीक 100% गारंटी नहीं दे सकती कि स्किन पर से पिग्मेंटेशन स्पॉट हमेशा के लिए चले जाएंगे। इनमें से कई लीवर या नर्वस सिस्टम की बीमारियों की वजह से भी होते हैं और ज़्यादा धूप में निकलने से फिर से आ सकते हैं।

READ NEXT  गोरा करने की व्हाइटनिंग फेशियल क्रीम

पिग्मेंटेशन हटाने के लिए एक समग्र ट्रीटमेंट की जरूरत होती है। आदर्श रूप से स्किन के स्पॉट्स को खास क्रीमों या लोशन्स से ब्लीच और एक्सफोलिएट करना चाहिए, स्किन की अच्छे से केयर करनी चाहिए और साथ थी विटामिन सी भी लेना चाहिए।

पिग्मेंटेशन हटाने के लिए एक समग्र ट्रीटमेंट की जरूरत होती है।

निम्नलिखित तकनीकें पिग्मेंटेशन दूर करने में खास असरदार हैं। ELOS थेरेपी, पिग्मेंट स्पॉट्स का लेजर से हटाना, फ्रेक्सल रिस्टोर या PREMEA एप्लीकेटर के साथ Clear & Brilliant (इस एप्लीकेटर के बारे में और जानकारी ब्लॉग में दी गई है), ग्लायकोलिक और ट्रायक्लोरोएसीटिक एसिड पील्स और रेटिनोल पील्स। यदि आपकी स्किन में बार-बार पिग्मेंटेशन हो जाता है और आपको पिग्मेंटेटेड स्पॉट बहुत परेशान करते हैं तो हम विटामिन सी और अन्य ऐसे पदार्थों से जो जो मेलानिन पिग्मेंट को दबाते हैं, से पीलिंग और मीसोथेरेपी की सलाह देते हैं।

 

पिग्मेंटेशन स्पॉट्स वापस आ जाने का रिस्क कैसे कम करें?

जिन लोगों की स्किन में पिग्मेंटेशन का ज़्यादा खतरा होता है उन्हें साल भर धूप से बचने के उपाय करने चाहिए। यदि आप ऐसे स्किन केयर प्रोडक्ट लगाएँगी जो मेलटोनिन का उत्पादन कम कर देते हैं तो आपको फायदा होगा। आपको ऐसे हाई-क्वालिटी कॉस्मेटिक भी लेने चाहिए जिनमें आरब्यूटीन, रेटिनोल और विटामिन सी हों। ऐसे प्राकृतिक तेल भी लें जो यूवी किरणों को रोकते हैं (शी बटर, जोजोबा ऑइल)।

यदि कत्थई धब्बे बार-बार आते हैं तो कभी भी फोटोटॉक्सिक एजेंट्स इस्तेमाल न करें। एक्सफोलिएटिंग ट्रीटमेंट जिनमें स्किन की सबसे ऊपरी सतह पर काम किया जाता हैं, सिर्फ प्रोफेशनल कॉस्मेटोलॉजिस्ट के द्वारा ही किया जाना चाहिए। स्किन में ज़्यादा पिग्मेंटेशन होने से यह बड़ा जरूरी होता है कि उसे धूप से बचाया जाए, खासकर कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट करवाने के बाद।

हाइपरपिग्मेंटेशन को ठीक करने के एक ट्रीटमेंट प्रोग्राम का उदाहरण

READ NEXT  त्वचा को गोरापन प्रदान करना

यह ट्रीटमेंट प्रोग्राम एक क्लीनिक में एक पेशेंट का ट्रीटमेंट करने के लिए बनाया गया था जिसे स्किन पर काले धब्बे थे। उस पेशेंट की खास इच्छा थी कि वो “हमेशा अच्छी दिखे”। इसलिए डॉक्टरों ने उसे सलाह दी कि वो पिग्मेंटेशन ट्रीटमेंट के लिए एक सौम्य तकनीक का इस्तेमाल करे जिससे लाल दाग नहीं पड़ते और त्वचा पर पपड़ी नहीं होती।

पिग्मेंटेशन हटाने के लिए स्किन को तैयार करना। घर पर ही एक-दो हफ्ते तक स्किन केयर और उसके बाद ट्रीटमेंट्स के बीच ब्लीचिंग एजेंट्स लगाएँ। ऐसे एजेंट्स का इस्तेमाल करें जो पिग्मेंट के उत्पादन पर असर डालते हैं (टायरोसिनेस इनहिबिटर्स)। पिग्मेंटेशन की रोजना केयर करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाएँ:

1.1 क्लींज की हुई स्किन में सुबह White Lightening Complex लगाएँ। दूसरे ब्लीचिंग एजेंट्स की तुलना में यह व्हाइटनिंग क्रीम स्किन के लिपिड बैरियर को बचा कर रखती है जिससे किसी मॉइस्चराइज़र की जरूरत नहीं पड़ती। एक महीने इस्तेमाल करने के बाद न सिर्फ स्किन का रंग ठीक हो जाता है बल्कि स्किन में एक पोर्सेलीन ग्लो भी आ जाती है।

1.2 शाम को White Lightening Serum लगाएँ। सीरम क्रीम से ज़्यादा असरदार नहीं होता लेकिन इसे शाम को लगाना चाहिए क्योंकि इससे स्किन पीलिंग बढ़ जाती है और पिग्मेंटेशन जल्दी ठीक होता है।

अपनी त्वचा का ख्याल रखना

क्लीनिक में पिग्मेंट स्पॉट्स हटाना। ग्लाकोलिक विटामिन सी, विटामिन ए, हयालूरोनिक एसिड और ओर्गनीक सिलिकन से पीलिंग्स और मीसोथेरेपी। क्लीनिक में पिग्मेंट स्पॉट हटाने का ट्रीटमेंट 2 हफ्तों तक चल सकता है। इसमें एक हफ्ते में पीलिंग की जाती है और फिर अगले हफ्ते मीसोथेरेपी की जाती है। घर पर स्किन पिग्मेंटेशन के लिए iS CLINICAL प्रोडक्ट और SPF25 सनस्क्रीन लगाई जाती है;

READ NEXT  कैसे अपनी त्वचा का जवांपन बरक़रार रखें?

सपोर्टिव ट्रीटमेंट। ग्लायकोलिक एक्सफोलिएशन Fire & Ice या TCA 20% – महीने में एक बार और महीने में एक बार मीसोथेरेपी।

यदि पेशेंट को पिग्मेंटेशन स्पॉट जल्दी दूर करने हैं तो डॉक्टर थोड़े ज़्यादा पावर के प्रोडक्ट इस्तेमाल कर सकते हैं:

  • फ्रेक्सल लेजर:
  • साफ और चमकदार लेसर जिसमें एक खास एप्लीकेटर Permea होता है (नए एप्लीकेटर की ज़्यादा जानकारी ब्लॉग में दी गई है)
  • मशीन की मदद से ELOS थेरेपी।

ब्लीचिंग कॉस्मेटिक कितनी बार इस्तेमाल करने चाहिए?

यदि स्किन में पिग्मेन्टेशन का रिस्क ज़्यादा हो तो इसे लगातार इस्तेमाल करना चाहिए। पिगेम्न्टेड स्पॉट्स मेलानोजेनेसिस के दौरान बनते हैं और व्हाइटनिंग कॉस्मेटिक्स में ऐसे पदार्थ होते हैं जो इस प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों पर असर डालते हैं।

उदाहरण के लिए, यदि आपने ऐसे प्रोडक्ट लिए हैं जिनमें आरब्यूटीन हो तो आप इसे सुरक्षित रूप से एक साल तक लगा सकती हैं। एक साल के बाद आपको न सिर्फ ब्रांड बदल लेना चाहिए बल्कि एक्टिव पदार्थ भी दूसरा लेना चाहिए। इस तरह आप पिग्मेंटेशन के उत्पादन के अलग-अलग

चकत्तों से राहत कैसे पाई जाए?

कई बार चकत्ते अच्छे लगते हैं और विदेश में तो कई लोग तो इसे एक त्वचा-दोष भी नहीं मानते। लेकिन यदि आप भारतीय हैं तो ये अच्छे नहीं लगते और यदि आपको इनसे मुक्ति पानी है तो सिर्फ एक ऊपरी पीलिंग लगाएँ – जैसे ANA एसिड, सैलीसिलिक पीलिंग आदि और हमेशा धूप से बचने पर खास ध्यान दें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.