कैसे अपनी त्वचा का जवांपन बरक़रार रखें?

युवा महिलाओं की त्वचा ताजगी और तंदुस्र्स्ती के साथ दमकती है. ऐसा लगता है कि यह हमेशा बना रहेगा… दुर्भाग्यवश, समय अपना खेल करता है. त्वचा शुष्क हो जाती है, टोन खो देती है, और झुर्रियां, धब्बे नज़र आने लगते हैं…..ऐसा क्यों होता है

ऐसे कारण जो त्वचा की उम्र को तेज़ी से बढ़ाते हैं:

प्रतिकूल मौसम: तेज़ हवा, शुष्क हवा, तेज तापमान का परिवर्तन, सूर्य के संपर्क में आना;

  • अनुचित पोषण;
  • जठरांत्र समस्याएं;
  • त्वचा की अनुचित देखभाल;
  • सौंदर्य प्रसाधनों का अनुचित उपयोग;
  • तनाव;
  • नींद की कमी;
  • बुरी आदतें, ख़ास तौर से धूम्रपान

त्वचा की उम्र को बढ़ने से कैसे रोका जाए?

त्वचा की देखभाल कम उम्र में ही शुरू कर देनी चाहिए, जब त्वचा पर उम्र के साथ आने वाले कोई भी निशान मौज़ूद नहीं होते हैं.

जब तेज़ हवा के मौसम में बाहर जा रहे हैं, तो त्वचा निर्जलीकरण को रोकने के लिए किसी हाइड्रेटिंग क्रीम का उपयोग करें. जब तापमान ऋणात्मक होता है तो नर्सिंग क्रीम लगाना सबसे अच्छा होता है. अपने चेहरे को सीधे धूप के संपर्क में न आने दें. जिस कमरे में आप अक्सर रहते हैं उस कमरे में सूखी हवा से बचने की कोशिश करें. इसके लिए विशेष रूप से तैयार किए गए एयर ह्यूमिडीफायर कमरे में हवा को त्वचा के इष्टतम नमी के स्तर (४०-६०%)पर ला देते हैं. एक उचित आहार में विभिन्न सब्जियां और फल होने चाहिए, जो त्वचा को बीटा-कैरोटीन की आपूर्ति करते हैं, और ये स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं. आपकी त्वचा को एवोकैडो, खुबानी, टमाटर, शिमला मिर्च, कद्दू और निश्चित रूप से गाजर के उपयोगी गुणों से लाभ प्राप्त होगा. आपके आहार में मछली की पर्याप्त मात्रा त्वचा के लिए लाभदायक होगी.

आपका चेहरा किसी दर्पण की तरह कार्य करता है और यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल पथ के रोगों तुरंत ही दर्शा देता है. आंतों की स्थिति को सही और नियमित बनाये रखने के लिए फाइबर समृद्ध भोजन का अधिक प्रयोग करें, जो कि सब्जियों और फलों में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होता है.

चेहरे की त्वचा के लिए तनाव बहुत नकारात्मक है

अपने चेहरे और गर्दन पर हर दिन नज़र बनाये रखें. इसे साफ़ करें, टोन करें, मॉइस्चराइज करें और इसे इसकी जरूरत के मुताबिक़ पोषक तत्व प्रदान करें. आपको अपनी त्वचा को सुबह और शाम को आवश्यक रूप से साफ़ करना होगा इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने थके हुए हैं, बिना मेकअप हटाये बिलकुल भी नहीं सोना चाहिए. चेहरे को धोने के लिए साबुन का प्रयोग न करें, बल्कि किसी जेल या फोम का चयन करना अच्छा होगा. मेक-अप को हटाने के लिए विशेष उत्पाद भी आते हैं. चेहरे को धोने के बाद, किसी टॉनिक के साथ अपने चेहरे और गर्दन को पोछ लें फिर समय के आधार पर, दिन या रात वाली क्रीम को चेहरे पर लगायें. दिन वाली क्रीम बाहरी प्रतिकूल कारकों के प्रभाव से त्वचा की सुरक्षा करती है, वहीँ रात वाली क्रीम त्वचा को पोषण प्रदान करने के साथ-साथ इसका पुनर्जनन करती है.

अपनी उम्र के अनुसार उचित मेकअप का प्रयोग करें. आजकल आप जवान, अधेड़ और वृद्ध लोगों की त्वचा के अनुसार कॉस्मेटिक उत्पाद पा सकते हैं, और ये एक दूसरे के साथ बदले नहीं जा सकते हैं.

चेहरे की त्वचा के लिए तनाव बहुत नकारात्मक है. एड्रेनेलिन के अत्यधिक निकालने से कोलेजन का उत्पादन रुक जाता है. कॉर्टिसोन कोशिकाओं के विभाजन को रोकता है, और त्वचा हाइपोक्सिया से ग्रस्त हो जाती है. और ये सभी कारक त्वचा की रंगत को प्रभावित करते हैं, त्वचा सुस्त हो जाती है. इसके लिए खुद को नियंत्रित करना सीखें, और तनाव से ग्रस्त न हों!

स्वस्थ त्वचा के लिए पर्याप्त नींद महत्वपूर्ण है. अपने युवाकाल में किसी एक रात नींद न लेने से आपके चेहरे पर बिलकुल भी (या लगभग) असर नहीं पड़ता है लेकिन वहीं 40 वर्ष की उम्र में जब आप रात में अच्छी नींद नहीं लेते हैं, तो आईने में एक पीला थका हुआ चेहरा नज़र आता है, जिसमें आँखों के नीचे डार्क सर्कल्स भी नज़र आने लगते हैं और त्वचा सुस्त हो जाती है.

धूम्रपान और अल्कोहल से बचें! थोड़ी मात्रा में कभी-कभी शराब का सेवन किया जा सकता है, विशेषकर रेड वाइन, निकोटीन निश्चित रूप से त्वचा के लिए हानिकारक होती है. धूम्रपान करने वाली महिलाओं के चेहरे की त्वचा पीली, ढ़ीली होती है, और झुर्रियाँ अन्य धूम्रपान न करने वाली महिलाओं की तुलना में बहुत पहले आ जाती हैं.

“अपने स्वास्थ्य का तभी से ख्याल रखना प्रारंभ कर दें जब आप जवान हैं” – यह कहावत निश्चित रूप से त्वचा के सन्दर्भ में लागू होती है.

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